
श्रीनगर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले को लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल है। भोपाल में भी लोगों ने खुलकर विरोध दर्ज कराया। वार्ड क्रमांक 46 अन्नपूर्णा कॉलोनी में स्थानीय निवासियों ने कैंडल मार्च निकालते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा संदेश दिया। श्रीनगर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने और आतंकी ताकतों के खिलाफ आक्रोश जताने के लिए गणेश नगर अन्नपूर्णा कॉलोनी में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। वार्ड क्रमांक 46 में हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। इस दौरान गम और गुस्से का मिला-जुला माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे शामिल हुए। खास बात यह रही कि इसमें हर धर्म और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में आवाज बुलंद की। मार्च में शामिल लोगों के हाथों में मोमबत्तियां थीं और दिल में शहीदों के लिए सम्मान। माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन आंखों में आंसू और मन में आग साफ झलक रही थी।इस मौके पर वार्ड पार्षद इब्राहिम अब्दुल खान, एनएसयूआई के नेता नवीन कुमार, पार्षद प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने कहा कि आतंकवाद, माओवाद या नक्सलवाद इनका कोई धर्म, जात या मजहब नहीं होता। इनका मकसद सिर्फ खून-खराबा और इंसानियत का कत्ल करना होता है। ऐसे तत्वों का अब देश में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।एनएसयूआई नेता नवीन कुमार ने केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि जब देश के पर्यटन स्थलों पर इतनी भारी सुरक्षा व्यवस्था होती है, तो फिर आतंकवादी पहलगाम जैसी जगह तक कैसे पहुंच गए? उन्होंने इसे खुफिया तंत्र की विफलता करार देते हुए मांग की कि दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। साथ ही आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।पार्षद इब्राहिम अब्दुल खान ने कहा कि देश इस समय संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, और ऐसे समय में केंद्र सरकार को सिर्फ बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीन पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है, लेकिन अब निर्णायक लड़ाई जरूरी है, जिससे आतंकवाद की जड़ें पूरी तरह खत्म की जा सकें। कैंडल मार्च के समापन पर नागरिकों ने पाकिस्तान का झंडा जलाया और जोरदार नारेबाजी की। पाकिस्तान मुर्दाबाद,आतंकवाद मुर्दाबाद,शहीदों अमर रहें जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। कार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संदेश देना था कि भारत की जनता आतंक के खिलाफ एकजुट है और अब हर हाल में इसका निर्णायक अंत चाहती है।




