
भारत की भूमि बहुत पवित्र है, यहां कई संत-महात्माओं ने जन्म दिया है। जिन्होंने अपने अच्छे आचार-विचार एवं कर्मों के द्वारा मनुष्यों के जीवन को सफल बनाया और कई सालों तक लोगों को धर्म की राह से जोड़ कर जीवन का मार्ग प्रशस्त किया। इन्हीं महान संतो में से एक हैं श्री रामानुजा आचार्य।

भारत वर्ष में रामानुजाचार्य की जयंती को रामानुजा जयंती के रुप में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। यह जयंती दक्षिण भारतीय दार्शनिक रामानुजाचार्य के सम्मान के रूप में मनाई जाती है। संत रामानुजा भगवान विष्णु के भक्त थे।उन्होंने भक्ति आंदलोन में अहम भूमिका निभाई थी।

भगवान विष्णु की भक्ति के प्रति समाज को अग्रसर किया था।बिलासपुर में भी रामानुजाचार्य के 108 प्रकट दिवस के अवसर पर सरकंडा स्थित उनके मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया इस मौके पर अभिषेक आरती के साथ अन्य आयोजन संपन्न कराए गए बिलासपुर में यह रामानुजाचार्य जी का मंदिर डेढ़ सौ साल पुराना है जहां हर वर्ष इसी तरह से भक्ति उनकी पूजा चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं




