
बिलासपुर अरपा पार क्षेत्र को अलग नगर निगम का दर्जा देने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। वर्तमान में बिलासपुर नगर पालिक निगम के अंतर्गत 70 वार्ड आते हैं, जिनमें से 22 वार्ड अरपा पार क्षेत्र में स्थित हैं। यह क्षेत्र जनसंख्या की दृष्टि से अत्यंत घनीभूत है और शहर की कुल आबादी का लगभग 35 से 40 प्रतिशत हिस्सा यहीं निवास करता है। जानकारी के अनुसार, अरपा पार क्षेत्र में 1.5 लाख से 1.75 लाख तक मतदाता हैं, जबकि कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या 6000 से 7000 तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद यह इलाका विकास की दृष्टि से अब भी उपेक्षित है। नागरिकों का कहना है कि पिछले 25 वर्षों से यह क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यदि अरपा पार को पृथक नगर निगम का दर्जा दिया जाए तो विकास कार्यों में तेजी आएगी। इससे न केवल क्षेत्र को राजस्व के नए स्रोत उपलब्ध होंगे, बल्कि प्रशासनिक कामों में भी पारदर्शिता और तीव्रता आएगी। सुझाव दिया गया है कि नए नगर निगम में आसपास के पंचायत क्षेत्रों जैसे सेरी, रमतला, बैमा नागई, परसाही, लागर और चिल्हाटी जैसे गाँवों को भी शामिल किया जा सकता है। इससे पूरे क्षेत्र को सुनियोजित ढंग से विकसित करने का अवसर मिलेगा। जनता का कहना है कि अब वक्त आ गया है जब अरपा पार क्षेत्र को उसका वाजिब हक मिलना चाहिए और इसे पृथक नगर निगम के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए, ताकि वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।




