
कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम लमेर घाट में अवैध रेत खनन को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। घाटों पर वर्चस्व को लेकर रेत माफियाओं के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि गोलियां चल गईं। इस गोलीकांड में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना कोटा थाना क्षेत्र के लमेर गांव की है,जहां अवैध रेत खनन के घाटों पर कब्जा जमाने को लेकर दो रेत माफिया गुटों में कहासुनी के बाद फायरिंग हो गई।इस फायरिंग में गांव का ही निवासी गिरजाशंकर उर्फ दीपक यादव गोली लगने से घायल हो गया।गोली युवक के पैर में लगी, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गया।घायल को प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत में बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।उसे अस्पताल पहुंचाने वाला युवक छबि यादव बताया जा रहा है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह संघर्ष रेत के घाटों पर कब्जे को लेकर हुआ, जिसमें दीपक रजक नाम सामने आया है।बताया जा रहा है कि वह घुटकू समिति के अध्यक्ष का भाई है और रेत कारोबार से जुड़े एक संगठित गिरोह का सदस्य है।हालांकि पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घायल से पूछताछ करने पहुंचे एएसपी राजेंद्र जायसवाल एवं सिविल लाइन टीआई एसआर साहू ने मौखिक बताया कि घायल से पूछताछ किया गया जिसमें उसका बयान सामने आया,,जिसमें उसने दावा किया कि उसे जंगल में पिस्टल मिली और छूते ही फायर हो गया।पुलिस घायल के बयान को लेकर असमंजस में है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बयान पुलिस दबाव में दिलवाया गया है ताकि असली आरोपियों को बचाया जा सके।उधर अस्पताल प्रबंधन भी मामले पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे संदेह और गहरा रहा है।घायल युवक पीडीएस दुकान संचालक है, ऐसे में उसका जंगल जाना और पिस्टल मिलना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस की जांच जारी है, लेकिन अब इलाके में चर्चा यह है कि प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले में पर्दा डालने की कोशिश हो रही है।




