
बिलासपुर मंडल के शहडोल स्टेशन पर रेलवे और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF ने मिलकर एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास के ज़रिए यह दर्शाया गया कि ट्रेन दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में किस तरह तेज़ी और समन्वय के साथ राहत-बचाव कार्य किया जा सकता है।

ड्रिल को वास्तविक रूप देने के लिए एक सवारी कोच में बम विस्फोट की काल्पनिक सूचना जारी की गई। बताया गया कि धमाके में एक यात्री की मौत और 14 घायल हुए हैं, साथ ही कोच में आग लग गई है। सूचना मिलते ही RPF, स्थानीय पुलिस और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। संदिग्ध पार्सल की तलाशी के बाद बम को निष्क्रिय किया गया।रेलवे की दुर्घटना राहत टीम, NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर तेजी से बचाव कार्य शुरू किया। गंभीर घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर रेलवे अस्पताल भेजा गया। आग बुझाने की आधुनिक तकनीकों और घायल यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को बखूबी प्रदर्शित किया गया।

इस मॉक ड्रिल की निगरानी रेलवे मुख्यालय के वार रूम से की गई, वहीं डीआरएम समेत मंडल के अधिकारी现场 पर मौजूद रहे। प्रमुख स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और हेल्पलाइन नंबर जारी कर यात्रियों को राहत संबंधी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने राहत स्टाल, प्राथमिक उपचार और पूछताछ केंद्रों का निरीक्षण किया।

संयुक्त अभ्यास में संरक्षा, चिकित्सा, वाणिज्य, RPF, सिविल डिफेंस, स्काउट-गाइड और सेंट जॉन्स एम्बुलेंस सहित कई विभागों के कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। यह मॉक ड्रिल रेलवे की आपात स्थिति में तत्परता और समन्वय की क्षमता को दर्शाता है।




