
श्री मरीमाई माता पूजा उत्सव का 19 वां वर्ष है और इस वर्ष का माताजी का स्थापना का चौथा दिन है। यह पूजा उत्सव बड़े हर्षोउल्लास एवं आनंदमय वातावरण में रेल्वे परिक्षेत्र कंस्ट्रक्शन कालोनी, दुर्गा पंडाल में मनाया जा रहा है ।श्रद्धालुओं द्वारा माताजी के विभिन्न रूपों का दर्शन किया जा रहा है।इसी कड़ी में नोकालम्मा माताजी का दर्शन किया गया और महालक्ष्मी माताजी का स्वरूप का पूजा, अर्चना एवं आरती किया गया और माताजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। खड़गपुर से आये मुख्य पुजारी ए सुधाकर राव दक्षिण भारती विधि विधान से पूजा, अर्चना एवं आरती करते हैं और साथ में बिलासपुर के पांच बाल पुजारी मुख्य पुजारी का सहयोगी दल बन कर रहते हैं। यह बाल पुजारी पूजा उत्सव तक ब्रह्मचारी रूप में अपना रात दिन व्यतीत करते हैं। पूजा उत्सव तक अपना घर ना जाकर माताजी के मंच में ही रात दिन माताजी के सेवा में रहते हैं। बिना मिर्च मासाला का स्वास्तिक पकवान माताजी का भोग चढ़ाने के बाद यह बाल पुजारी यह पकवान को ग्रहण करते हैं।




