
जिले में रेत का अवैध कारोबार अब बेकाबू होता नजर आ रहा है। संगठित गिरोहों द्वारा की जा रही रेत की अवैध खुदाई और भंडारण ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि महीनों से चल रही इस गोरखधंधे की भनक तक प्रशासनिक अमले को नहीं लगी… और जब मामला गोलीकांड तक पहुंचा, तब जाकर तंत्र हरकत में आया।बिलासपुर जिले की बोदरी तहसील के पिरैया और नगाराडीह गांव में 17 जगहों पर रेत का अवैध डंपिंग हो रहा था।
दिन हो या रात, ट्रैक्टर दर ट्रैक्टर रेत डंप की जाती रही, लेकिन खनिज और राजस्व विभाग की टीमों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला तब गर्माया जब एक विवाद ने गोलीकांड का रूप ले लिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया। गुरुवार की रात खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बोदरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। 435 ट्रैक्टर रेत जब्त की गई। ग्राम नगाराडीह में रामलाल रात्रे द्वारा अवैध रूप से डंप की गई 40 ट्रैक्टर रेत जब्त कर ग्राम उप सरपंच के सुपुर्द की गई।इधर तखतपुर तहसील के गांव मोढ़े में भी शनिवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमोद कुमार निर्मलकर द्वारा अलग-अलग जगहों पर डंप की गई 120 ट्रैक्टर अवैध रेत जब्त की।

कलेक्टर संजय अग्रवाल के आदेश और एसडीएम तखतपुर के मार्गदर्शन में यह छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई में तखतपुर तहसीलदार पंकज सिंह, माइनिंग इंस्पेक्टर राजू यादव, राजस्व निरीक्षक ऋषि राज और स्थानीय सरपंच एवं कोटवार मौजूद रहे।नए कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला अब हरकत में है। खनिज और राजस्व विभाग को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि यह भी सच है कि महीनों से अवैध खुदाई और परिवहन जारी था, लेकिन जब तक मामला गोलीकांड और मीडिया में नहीं आया, तब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की शिकायत के बाद ही अब सिस्टम जागा है। अब देखना होगा कि ये कार्रवाई आगे भी जारी रहती है या मामला ठंडा पड़ते ही फिर से रेत माफिया बेखौफ हो जाएंगे। फिलहाल प्रशासन ने सख्ती के संकेत दे दिए हैं और दोषियों पर जुर्माने की तैयारी चल रही है।




