
बिलासपुर एलआईसी की मगरपारा शाखा में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें बीमा एजेंटों की मिलीभगत से जिंदा लोगों को मृत घोषित कर झूठे मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर लाखों रुपये का बीमा क्लेम निकाला गया। यह चौंकाने वाला घोटाला ओखर निवासी संतोषी साहू के नाम पर बनाए गए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से शुरू हुआ, जिसके आधार पर उसके पिता ने छह लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया।एलआईसी अधिकारियों को तब शक हुआ जब संतोषी साहू के नाम पर दोबारा बीमा पॉलिसी लेने की कोशिश की गई। जांच के दौरान पता चला कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि इसी तरह ममता, बबला, ईश्वर और शिवकुमार पांडेय जैसे अन्य नामों पर भी फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के जरिये करीब 24 लाख रुपये का क्लेम निकाला गया है एलआईसी की आंतरिक जांच में यह पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसमें तीन बीमा एजेंट राजेश कुमार शर्मा, विजय पांडे और नरेश अग्रवाल की मिलीभगत सामने आई। इन्होंने सुनियोजित तरीके से मृतक घोषित किए गए लोगों के नाम पर बीमा क्लेम दाखिल कर राशि हड़पी। शाखा प्रबंधक अलबन टोप्पो की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यदुनंदन नगर निवासी राजेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य दोनों एजेंटों विजय पांडे और नरेश अग्रवाल पर पहले से ही धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं को खंगालने में जुटी है। जांच दल यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं इस पूरे नेटवर्क में एलआईसी के अंदरूनी कर्मचारियों की संलिप्तता तो नहीं है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।




