
पिछले कुछ समय से नगर निगम के द्वारा शहर में अवैध रूप से निर्माण हो रहे दुकानों और मकान के विरोध अभियान चलाया जा रहा है इसी कड़ी में पुराना बस स्टैंड में निर्माणाधीन तीन दुकानों के विरुद्ध रविवार को कार्रवाई की गई थी बताया जा रहा है कि यह तीनों दुकान अनुमति से ज्यादा निर्माण कर रहे थे जिसकी वजह से यह कार्रवाई की गई है तो वहीं मंगलवार को फिर एक दुकान पर कार्रवाई की गई है यह भी अनुमति से अधिक निर्माण कर चुके थे जिसकी वजह से यह कार्रवाई की गई है लेकिन दूसरी तरफ गौर करने वाली बात यह है कि नगर निगम के अधिकारियों ने पहले से ही इस पर रोकथाम क्यों नहीं लगाई और अगर उन्हें इस चीज का पता था तो इसमें साफ मिली भगत की सुगबुगाहट नजर आती है। जब इन व्यापारियों ने दुकान बनाने की शुरुआत की थी तो फिर उन्हें क्यों नहीं रोका गया इससे साफ नजर आता है कि नगर निगम नक्शा तो पास कर देता है लेकिन इसकी मॉनिटरिंग नहीं करता जिसका जीता जाता सबूत इसमें नजर आता है नगर निगम के भवन शाखा के अधिकारी इसमें पूरी तरह से संकल्पित है जिसकी वजह से नगर निगम को आर्थिक नुकसान भी खेलना पड़ रहा है जिस दिशा में अब शासन को ध्यान देना होगा और ऐसे कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई करनी होगी ताकि निगम को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।




