
बिलासपुर वन विभाग के ही कर्मचारी अवैध लकड़ी तस्करी में लिप्त पाए गए हैं। यह मामला न केवल विभाग की साख पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जिन पर जंगलों की सुरक्षा का जिम्मा है, वही जंगलों के सबसे बड़े दुश्मन बनते जा रहे हैं।मंगलवार सुबह सरकंडा थाना अंतर्गत मोपका चौकी क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन को रोककर उसमें भरी अवैध इमारती लकड़ी जब्त की।लकड़ी का कोई वैध दस्तावेज न होने पर मामला संदेहास्पद लगा।पूछताछ में खुलासा हुआ कि लकड़ी बिलासपुर वनमंडल के अंतर्गत सोंठी जंगल से काटी गई थी।इस तस्करी में वनपाल सूरज मिश्रा और बिलासपुर वनमंडल में पदस्थ एक रेंजर व वनपाल की संदिग्ध भूमिका सामने आई है।जब पुलिस ने वाहन को रोका, तब कुछ समय बाद वनपाल सूरज मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे और एक फर्जी बिल दिखाकर लकड़ी को छुड़ाने की कोशिश की।इससे पहले कि वे वाहन को ले जा पाते, वन विभाग की उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंच गई।टीम ने लकड़ी से भरा पिकअप जप्त कर उसे बिलासपुर वन विभाग कार्यालय ले आई।




