
बिलासपुर शहर में यातायात पुलिस और जिला प्रशासन की बड़ी पहल सामने आई है। अब लंबी दूरी की बड़ी स्लीपर बसों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। ये सभी बसें आउटर रूट से होकर ही तिफरा स्थित हाईटेक बस स्टैंड तक पहुंचेंगी। इसका उद्देश्य शहर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और हादसों की बढ़ती घटनाओं को रोकना है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए प्रशासन ने नगर निगम, परिवहन विभाग और बस संचालकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे ने बताया कि अब छोटी दूरी की बसों को ही शर्तों के साथ शहर में चलने की अनुमति दी गई है।एएसपी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि शहर के भीतर यातायात सुगम और सुरक्षित बना रहे, इसी को ध्यान में रखते हुए बड़ी बसों को आउटर रूट से डायवर्ट किया गया है। इससे दुर्घटनाएं और जाम की स्थिति नियंत्रित की जा सकेगी।बैठकों में विभिन्न रूटों जैसे रतनपुर, मस्तूरी, सीपत और तखतपुर की बसों के लिए तय मार्ग तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार रतनपुर की बसें सकरी बायपास से,मस्तूरी की बसें सिरगिट्टी महामंद होकर,सीपत मोपका की बसें गुरुनानक चौक से,और तखतपुर, कोटा, मुंगेली की बसें सकरी बायपास से चलेंगी।

इसी के साथ बस चालकों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं जैसे वर्दी में रहना, प्रेशर हॉर्न से बचना, वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। शहर में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है, खासकर सुबह और शाम के समय। बड़ी स्लीपर बसों के शहर में न आने से मुख्य चौराहों और तंग गलियों में राहत मिलेगी। यात्री भी अब बिना किसी जाम के सुगमता से यात्रा कर सकेंगे।प्रशासन का मानना है कि यह कदम शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। बस संचालकों ने भी इस फैसले में सहयोग का भरोसा दिया है। पुलिस ने आम नागरिकों से सहयोग और नियमों के पालन की अपील की है।




