

बिलासपुर में रक्षाबंधन के बाद जिला अस्पताल में मरीजों की अचानक बढ़ी भीड़ से अफरा-तफरी मच गई है। मौसम में हो रहे बदलाव ने सर्दी-खांसी, बुखार और डायरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा दिया है। त्योहार के अगले ही दिन सुबह से जिला अस्पताल के ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का तांता लग गया। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक के लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।पंजीयन काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और जांच केंद्रों तक लंबी-लंबी कतारें लगीं रही। मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे परेशानी और बढ़ गई।अस्पताल में भर्ती वार्ड भी तेजी से भर रहे हैं। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर काम का दबाव बढ़ गया है, जबकि प्रबंधन बढ़ती भीड़ को संभाल पाने में असमर्थ नजर आ रहा है।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौसम बदलने के साथ खान-पान और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सावधानी ही मौसमी बीमारियों से बचाव का सबसे असरदार तरीका है।मौसमी बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टरों ने उबला हुआ पानी पीने, तैलीय और बाहर का भोजन कम करने, तथा बच्चों और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की सलाह दी है।




