
बिलासपुर :- तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के सकरी स्थित वन चेतना परिसर में वन महोत्सव एवं पौधरोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह ने स्मृति वाटिका की बदहाली पर चिंता जताते हुए उसके संरक्षण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कई बार मांग के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे स्मृति वाटिका जहरीले जीव-जंतुओं का अड्डा बन गई है। उन्होंने हरियाली का महत्व बताते हुए भूटान का उदाहरण दिया और लोगों से वृक्षों की देखभाल के प्रति जागरूक होने की अपील की।विधायक ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सही देखरेख भी जरूरी है। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन से कानन पेंडारी का निरीक्षण कर सुरक्षा व व्यवस्था सुधारने का अनुरोध किया। वहीं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कोरोना काल को याद करते हुए पौधों को सहेजने की अपील की और बताया कि अब सरकार 6 से 7 फीट ऊंचे पौधे लगा रही है, ताकि वे जल्द फल-फूल दे सकें। उन्होंने बिल्हा में एक दिन में 60 हजार पौधे लगाने के अभियान का उल्लेख करते हुए वन विभाग का आभार जताया।कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का महत्व बताते हुए कहा कि जैसे मां का ख्याल रखा जाता है, वैसे ही लगाए गए पेड़ की देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि बारिश के बावजूद नदियों के सूखने का कारण पानी के स्तर का लगातार गिरना है, इसलिए बारिश के पानी को संरक्षित करना अनिवार्य है।गौ माता की सुरक्षा पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गौ धन योजना लावारिस छोड़े गए मवेशियों को संरक्षण देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। उन्होंने इसे धार्मिक और मानवीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि धर्म को सही मायनों में मानकर ही हम जिम्मेदार इंसान बन सकते हैं। वन महोत्सव के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 1950 से यह अभियान जारी है और अब यह एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अवसर पर तखतपुर विधायक धरमजीत सिंह, बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुषांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, कलेक्टर, सीसीएफ, एसएसपी, स्कूली बच्चे और वन विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




