

बिलासपुर :- अचानकमार टाइगर रिज़र्व (एटीआर) का खोजी श्वान ‘नीतू’ अब प्रदेश में वन्यजीव अपराधों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाएगा। हरियाणा के पंचकूला स्थित केंद्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र में 7 माह के विशेष प्रशिक्षण के दौरान ‘नीतू’ ने बेहतरीन प्रदर्शन कर दूसरा स्थान हासिल किया और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।इस प्रशिक्षण में देशभर के 9 राज्यों से वन्यजीव खोजी श्वान और उनके परिचारकों को प्रशिक्षित किया गया था। ‘नीतू’ ने अपनी सूंघने की तेज क्षमता, त्वरित प्रतिक्रिया और अनुशासन में उत्कृष्टता दिखाते हुए ट्रेनर्स को प्रभावित किया। प्रशिक्षण के दौरान उसे जंगल में अवैध शिकार, वन्यजीव अंगों की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने की तकनीक सिखाई गई।बिलासपुर लौटने पर ‘नीतू’ का कानन पेंडारी जू में भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ वन अधिकारी, उपसंचालक और कर्मचारी मौजूद रहे। फूल-मालाओं और तालियों के बीच ‘नीतू’ ने अपनी काबिलियत का प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया।वन विभाग ने ‘नीतू’ को अब एंटी-पोचिंग टीम में शामिल कर लिया है। इससे अचानकमार टाइगर रिज़र्व के साथ ही प्रदेशभर में वन्यजीव संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशिक्षित खोजी श्वान, अवैध शिकार और तस्करी के मामलों में जांच और कार्रवाई की गति कई गुना बढ़ा सकते हैं।




