
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा, आज़ादी की लड़ाई में प्रदेश की भूमिका और शासन की उपलब्धियों पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी। प्रदर्शनी में दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण, वर्चुअल रियलिटी तकनीक और “कोन बनही गुनिया” क्विज प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण हैं।

इसी दिन मुख्यमंत्री ने मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भी उद्घाटन किया, जो 15 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 तक 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का उत्सव है, जिसमें हर वर्ग और हर आयु के लोगों की सक्रिय भागीदारी होगी।

इस दौरान बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे पारंपरिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय गतिविधियां ग्राम स्तर तक आयोजित होंगी।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए किसानों को बेहतर मूल्य, निवेश आकर्षण, औद्योगिक विकास और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि राज्य की जीएसडीपी 21 हज़ार करोड़ से बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, और लक्ष्य इसे अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का है। उन्होंने सभी से रजत महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।




