
बिलासपुर:- बिलासपुर में एक और बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर 63 वर्षीय किराना व्यवसायी से लाखों रुपए उड़ा लिए। मामला सिविल लाइन थाना में दर्ज हुआ है।मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। तिर्थानी गली सरकंडा निवासी 63 वर्षीय कन्हैया लाल वाधवानी, जो मंगला चौक पर श्याम किराना स्टोर चलाते हैं, उनके साथ 4 लाख 60 हजार रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है।एफआईआर के मुताबिक, 11 अगस्त को दोपहर 3:16 बजे कन्हैया लाल को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी बताते हुए एटीएम और नेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी मांगी। बातचीत के बाद कारोबारी को शक नहीं हुआ और कुछ समय बाद उनके खाते से रकम गायब हो गई।रात करीब 10 बजे जब कन्हैया लाल के बेटे राजेश ने मोबाइल चेक किया तो पता चला कि खाते से 3 लाख, 1 लाख, 50 हजार, 10 हजार और 5 हजार रुपए अलग-अलग ट्रांजैक्शन में निकाल लिए गए हैं। वहीं उसी दिन 5 हजार रुपए यूपीआई के माध्यम से खाते में जमा भी किए गए थे।परिवार ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और 13 अगस्त को पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक को भी लिखित सूचना दी। बावजूद इसके रकम वापस नहीं मिली। इसके बाद 17 अगस्त को पीड़ित थाने पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।सिविल लाइंस पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच की जिम्मेदारी एएसआई विष्णु प्रसाद साहू को सौंपी गई है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजैक्शन के आधार पर साइबर अपराधियों की तलाश में जुट गई है। यह घटना एक बार फिर साइबर फ्रॉड के बढ़ते नेटवर्क और लोगों में जागरूकता की कमी को उजागर करती है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि संदिग्ध कॉल्स पर कभी भी अपनी बैंक डिटेल्स साझा न करें।




