
बिलासपुर :- सिम्स के डेंटल विभाग में संभाग की पहली टीएमजेआर और ऑर्थोग्नैथिक सर्जरी कर जबड़े की गंभीर विकृति से पीड़ित 20 वर्षीय युवती का सफल उपचार किया गया। मरीज को पिछले दस वर्षों से जबड़े की चोट के कारण मुंह खोलने, खाने-पीने और बोलने में कठिनाई हो रही थी। महंगे इलाज के चलते निजी अस्पतालों में उपचार संभव नहीं था, लेकिन सिम्स में डॉ. भूपेंद्र कश्यप और उनकी टीम ने तीन चरणों में जटिल सर्जरी कर मरीज को नई जिंदगी दी। यह उपचार आयुष्मान कार्ड के तहत निःशुल्क प्रदान किया गया, जिसकी लागत निजी अस्पतालों में 4 से 5 लाख रुपये तक होती।




