
भारतीय रेलवे ने माल परिवहन में नई दिशा देते हुए समय-सारणी आधारित वस्तु-विशेष कार्गो सेवाएँ शुरू की हैं। ये सेवाएँ उत्तर भारत के प्रमुख उत्पादन और खपत केंद्रों को जोड़ती हैं और ग्राहकों को भरोसेमंद ट्रांज़िट समय तथा बेहतर लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करती हैं।नई सेवाओं में अन्नपूर्णा सेवा लुधियाना से वाराणसी, 17 घंटे में खाद्य अनाज, गति-वाहन सेवा फर्रुख नगर से लखनऊ, 28 घंटे में ऑटोमोबाइल्स, निर्यात कार्गो सेवा गढ़ी से मुन्द्रा पोर्ट, 32 घंटे में कंटेनर, और अनंतनाग सीमेंट कार्गो सेवा रूपनगर से अनंतनाग, 31 घंटे में सीमेंट शामिल हैं।इन सेवाओं की योजना बनाने में FCI, ऑटोमोबाइल ऑपरेटर, कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर और पड़ोसी रेलवे जोनों के साथ व्यापक समन्वय किया गया।

प्रारंभिक परीक्षण सफल होने के बाद अब ये सेवाएँ स्थिर और कुशल रूप से संचालित हो रही हैं।ग्राहकों से मिली प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है। अन्नपूर्णा सेवा से पंजाब और हरियाणा के अधिशेष क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के कमी वाले क्षेत्रों तक खाद्य अनाज की आपूर्ति बेहतर हुई। मारुति सुजुकी ने गति-वाहन सेवा के तहत ट्रांज़िट समय घटने की जानकारी दी, जिससे रोड ट्रांसपोर्ट के बराबर डिलीवरी सुनिश्चित हुईसमयबद्ध ट्रेन आगमन और प्रस्थान की जानकारी के साथ, ये सेवाएँ कॉन्साइनर्स और कन्सिग्नी दोनों के लिए लॉजिस्टिक्स योजना बनाने में मदद कर रही हैं। भारतीय रेलवे उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को समर्थन देते हुए विश्वस्तरीय और भरोसेमंद माल परिवहन सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।




