
नवरात्रि पर्व के दौरान जिले के कामठी गांव में दुर्गा पंडाल और झंडा लगाने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। हिंदू संगठनों और गोंडवाना आदिवासी समाज के बीच विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।जानकारी के मुताबिक, हिंदू संगठनों ने माता की मूर्ति स्थापना के लिए मंदिर परिसर में पंडाल और झंडे लगाए थे। रविवार सुबह गोंडवाना समाज के लोग पहुंचे और पंडाल व झंडे हटा दिए, साथ ही मंदिर के गेट पर ताला जड़ दिया। इसी को लेकर झूमा-झटकी शुरू हो गई।

इस दौरान महिलाओं ने मंदिर की दीवार तोड़ दी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की। झड़प में पंडरिया SDOP भूपत सिंह धनेश्वरी का कॉलर पकड़ लिया गया और एक गर्भवती महिला आरक्षक का हाथ टूट गया।स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें 40 से अधिक लोग घायल हो गए। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने हालात को नियंत्रण में ले लिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।गौरतलब है कि इस मंदिर को लेकर पटेल समाज और गोंडवाना समाज के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। पिछले साल भी नवरात्रि के दौरान यहां तनाव की स्थिति बनी थी। इसी कारण प्रशासन ने अब इस मंदिर को शासकीय घोषित कर दिया है ताकि भविष्य में विवाद न हो।




