
छत्तीसगढ़ सरकार की पहल दाई-दीदी क्लिनिक शहरी बस्तियों में रहने वाली महिलाओं और लड़कियों के लिए उनके घर के पास स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है। लेकिन अफसोस की बात है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट अभी भी महिला मरीजों के इंतजार में तरस रही है। यह क्लिनिक केवल महिलाओं और लड़कियों के लिए है। यहां महिला डॉक्टर और महिला स्टाफ मौजूद रहते हैं, ताकि महिलाएं बिना झिझक अपनी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच करवा सकें। गर्भवती महिलाओं की जांच, ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज, थायरॉइड और सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हैं।दाई-दीदी क्लिनिक पूरी तरह नि:शुल्क है, लेकिन अभी तक केवल गिने-चुने मरीज ही इसका लाभ ले पा रहे हैं। यदि महिलाएं इस सुविधा का नियमित रूप से लाभ नहीं लेंगी, तो यह महत्वपूर्ण मेडिकल यूनिट बंद होने की कगार पर पहुँच सकती है।

क्लिनिक में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग, स्व-स्तन जाँच का प्रशिक्षण और परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श जैसी विशेष सेवाएं भी दी जाती हैं। मोबाइल वैन सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक बस्तियों में दौड़ती है ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ ले सकें।टिकरापारा गुजराती भवन के पास लंबे समय से यह क्लिनिक संचालित है, लेकिन मरीजों की संख्या अत्यंत कम है। महिला डॉक्टर रुचि दुबे ने कहा कि अधिक महिलाएं आएंगी तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का समय पर पता चलेगा और सही इलाज संभव होगा। सरकार की यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी महिलाओं से अपील की जाती है कि वे मोबाइल मेडिकल यूनिट का अधिक से अधिक लाभ लें, ताकि यह सुविधा हर महिला तक पहुँच सके और बंद होने की संभावना टली रहे।




