
शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ सोमवार 22 सितंबर से हो गया है। सामान्यतः नवरात्रि 9 दिनों तक मनाई जाती है, लेकिन इस बार 70 साल बाद विशेष महासंयोग बना है, जिसके चलते नवरात्रि पूरे 10 दिन तक चलेंगी। देवी भक्तों के लिए यह अवसर अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। पंडित गिरिजेश कुमार द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष तिथियों के विशेष योग के कारण नवरात्रि का विस्तार हुआ है। 25 और 26 सितंबर दोनों दिन चतुर्थी तिथि रहेगी। इसी कारण नवरात्रि का अंतिम दिन एक और बढ़ गया और कुल 10 दिनों की नवरात्रि होगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार तिथियों की वृद्धि को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है।

शास्त्रों में वर्णित है कि जितने अधिक दिनों तक देवी की पूजा-अर्चना की जाती है, उतना ही अधिक फल प्राप्त होता है। इस बार 10 दिन तक माता की उपासना से भक्तों को विशेष पुण्यलाभ होगा। पंडितों का कहना है कि यह महासंयोग बहुत ही दुर्लभ है और लंबे समय बाद इसके दर्शन हो रहे हैं। पंडित गिरिजेश द्विवेदी ने आगे बताया कि इस बार माता रानी हाथी पर सवार होकर आई हैं। शास्त्रों के अनुसार हाथी पर आगमन समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस वर्ष सुख-समृद्धि और खुशहाली का संचार होगा। साथ ही नवरात्रि की शुरुआत सोमवार से होने के कारण इसे विशेष फलदायी माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि सोमवार से प्रारंभ हुई नवरात्रि व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए धनवृद्धि का कारक बनेगी। श्रद्धालु पूरे 10 दिन माता रानी की भक्ति और सेवा से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकेंगे।




