
बिलासपुर। गौ सेवा धाम वर्षों से एक्सीडेंटल गायों का इलाज और सेवा करता आ रहा है। यहां घायल और बेसहारा गौवंश को जीवनदान दिया जाता है। गौ सेवा धाम के संचालक विपुल शर्मा लंबे समय से प्रशासन से 5 एकड़ भूमि की मांग कर रहे हैं, ताकि एक्सीडेंटल गायों की बेहतर देखभाल की जा सके। लेकिन कई बार आंदोलन और प्रयासों के बावजूद अभी तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। इस बार विपुल शर्मा ने नवरात्रि पर अपनी मांग को लेकर अनोखा कदम उठाया है।

उन्होंने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए मौन व्रत धारण किया है। साथ ही उन्होंने नौ दिन तक केवल कच्चा दूध पीने और प्रतिदिन हवन-पूजन करने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि यह संकल्प तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती। गौ सेवा धाम में मौन व्रत धारण कर बैठे विपुल शर्मा का कहना है कि वे किसी आर्थिक सहयोग की मांग नहीं कर रहे हैं। केवल भूमि मिलने से ही वे गायों के लिए बेहतर व्यवस्था बना सकेंगे।

उनका उद्देश्य है कि सड़क हादसों में घायल गायों को समय पर उपचार और देखभाल मिल सके। गोपाल कृष्ण रामानुज ने बताया कि वर्तमान समय में गौर तस्करी और गौ हत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में एक्सीडेंटल गाय गौ सेवा धाम पहुंच रही हैं। इस स्थिति में पर्याप्त जगह न होने से देखभाल में कठिनाई आती है। यदि प्रशासन 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराता है तो यह सेवा और अधिक प्रभावी हो सकेगी। अब देखना यह होगा कि विपुल शर्मा का मौन व्रत और नवरात्रि के दौरान किया जा रहा यह विशेष संकल्प प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर पाता है या नहीं।


