
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शासकीय कर्मचारियों की आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।वित्त विभाग को आगे की प्रक्रिया पूरी करने और पात्र बैंक/संस्था के साथ एमओयू करने का अधिकार दिया गया।बैठक में दिव्यांगजनांे के हित में राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की बकाया ऋण राशि 24.50 करोड़ रुपए एकमुश्त वापस करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत राज्य के दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और शिक्षा के लिए न्यूनतम 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है।मंत्रिपरिषद ने शिक्षा विभाग के 100 स्पेशल एजुकेटर पदों पर सीधी भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियम-2019 में छूट देने का भी निर्णय लिया। इस निर्णय के तहत चयन परीक्षा की जगह एक बार मेरिट के आधार पर भर्ती की जाएगी, ताकि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सके।बैठक में मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हो रहे 1989 बैच के IAS अधिकारी अमिताभ जैन को भावभीनी विदाई दी गई और नवनियुक्त मुख्य सचिव विकास शील का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मंत्रिपरिषद ने प्रशासनिक नेतृत्व में निरंतरता और दक्षता बनाए रखने पर बल दिया।


