
रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉलोनी में बने दुर्गा पूजा पंडाल का नाम ‘पागलखाना झांकी’ रखने का मामला विवादों में आ गया। शिकायत के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी जांच की। मातारानी के पंडाल को इस नाम से जोड़ने पर श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।जानकारी के अनुसार, समिति हर साल अनोखी झांकियां बनाकर श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसके लिए टिकट भी तय किए जाते हैं।

इस बार ‘मेंटल हॉस्पिटल’ थीम पर झांकी तैयार की गई थी, लेकिन उसे ‘पागलखाना झांकी’ नाम दे दिया गया। श्रद्धालुओं से 20 रुपये का शुल्क लेकर दर्शनों का इंतज़ाम किया गया था।कुछ श्रद्धालुओं को यह नाम और शुल्क नागवार गुज़रा। मामले का वीडियो दिल्ली मंत्रालय तक पहुंचा, जिसके बाद बिलासपुर कलेक्टर को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश मिले।

कलेक्टर के आदेश पर प्रशासनिक टीम ने पंडाल की वीडियोग्राफी फोटोग्राफी की और समिति को हिदायत दी।जिला प्रशासन ने समिति को तुरंत पंडाल का नाम बदलने का आदेश दिया।इसके बाद विवादित नाम पागलखाना झांकी को बदलकर वृद्धा आश्रम कर दिया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही या आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, अन्यथा कठोर कार्रवाई होगी।


