
देश में केंद्रीय विद्यालयों की संख्या में इजाफा होने जा रहा है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देशभर में सिविल सेक्टर के तहत 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 5,862 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। वर्तमान में 1,288 केंद्रीय विद्यालय हैं, जिनमें से 3 विद्यालय विदेशों में मॉस्को, काठमांडू और तेहरान स्थित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने यह स्वीकृति दी है। इन विद्यालयों को मुख्यत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वीकृत किया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत, पहली बार इन सभी 57 विद्यालयों में बालवाटिका प्री प्राइमरी की भी व्यवस्था होगी। भारत सरकार ने वर्ष 1962 में केंद्रीय विद्यालय योजना को मंजूरी दी थी ताकि पूरे देश में एक समान मानक की शिक्षा प्रदान की जा सके। विशेषकर ये विद्यालय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, रक्षा बलों और अर्धसैनिक बलों के बच्चों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में 1288 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं 30 जून 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि केवी में लगभग 13.62 लाख छात्रों का नामांकन है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इन 57 नए विद्यालयों की स्थापना यह नया प्रस्ताव है।


