
बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सड़क सुधार की लंबित मांग को लेकर मानिकपुर, धुमा और सिलपहरी गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि 18 साल से शिकायतें करने के बावजूद सड़क की हालत नहीं सुधरी।सुबह से ही एनएच पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने सड़क के बीचोंबीच बैठकर प्रदर्शन शुरू किया। ढोल-ताशे बजाते हुए और नारे लगाकर उन्होंने प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। उनका कहना है कि हर बारिश में सड़क गड्ढों में बदल जाती है और रोज हादसे होते हैं।ग्रामीण प्रतिनिधियों ने बताया कि वे कई बार विभाग को लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक सड़क मरम्मत का ठोस भरोसा नहीं दिया जाएगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों और आम यात्रियों की आवाजाही ठप हो गई। घंटों तक लोग सड़क पर फंसे रहे। कुछ वाहन चालकों ने वैकल्पिक मार्ग का सहारा लिया, लेकिन जाम का असर आसपास के इलाकों में भी दिखाई दिया।एक ग्रामीण ने कहा, “हम हर बार उम्मीद करते हैं कि सड़क बनेगी, लेकिन अधिकारी सिर्फ दौरा कर चले जाते हैं। अब सब्र का बांध टूट गया है, इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा।” वहीं एक अन्य महिला ग्रामीण ने कहा, सड़क खराब होने से बच्चों को स्कूल जाने में भी मुश्किल होती है। स्थिति की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत की। अधिकारियों ने जल्द बैठक बुलाकर समाधान निकालने का भरोसा दिया है। वहीं स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।




