
जहां जेल में बंद एक बंदी की पत्नी ने जेल प्रशासन और अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने अत्याचार और दबाव से परेशान होकर हैंड सेनेटाइज़र पी लिया, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और उसे सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिलासपुर जिले के ग्राम छोटी खोंही निवासी अमरिका बाई कुर्रे ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उसके पति मुकेश कुर्रे, जो हत्या के एक मामले में अमरकंटक जेल में सजा काट रहे हैं, उनसे जेल में अधिकारियों द्वारा लगातार धन उगाही की जा रही है।अमरिका बाई ने अपने आवेदन में लिखा है कि उसके पति से जेल में अधिकारी और कर्मचारी हर महीने पैसे मांगते हैं राशन, दवाई या किसी सुविधा के नाम पर 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की रिश्वत देने के लिए दबाव बनाया जाता है।महिला का कहना है कि जेल अधिकारी और कुछ स्थानीय पुलिसकर्मी मिलकर जेल के अंदर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देते हैं। कई बार उनके पति से बात करने या मिलने भी नहीं दिया जाता, और हर मुलाकात के लिए भी अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं।

अमरिका बाई ने यह भी आरोप लगाया है कि 19 जुलाई 2025 और 10 जुलाई 2025 को उनके पति से अलग-अलग रकम वसूली गई,और रिश्वत न देने पर उन्हें जेल में प्रताड़ित किया गया। महिला का कहना है कि पति की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर इलाज नहीं दिया गया, और जेल से बाहर अस्पताल भेजने में देरी की गई, जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई। अमरिका बाई के मुताबिक, प्रताड़ना से परेशान होकर मुकेश कुर्रे ने हैंड सेनेटाइज़र पी लिया, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि इस पूरे मामले पर जेल प्रशासन और पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। महिला ने कहा कि जब उसने शिकायत करने की कोशिश की, तो उसे धमकाया गया कि अगर वह ज्यादा बोलेगी, तो उसके पति को और ज्यादा प्रताड़ित किया जाएगा। अब उसने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और पुलिस महानिरीक्षक को भी इस पूरे मामले की लिखित जानकारी भेजी है। महिला ने जिला प्रशासन से अपील की है कि मामले की जांच कर दोषी जेल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।




