
भारत सरकार ने बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए एक बड़ी राहत दी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 7 से 15 वर्ष के बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को पूरी तरह निशुल्क कर दिया है। यह फैसला 1 अक्टूबर से पूरे देश में लागू हो गया है। अब माता-पिता को अपने बच्चों का आधार अपडेट कराने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। पहले बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर करीब 125 रुपये शुल्क लिया जाता था, जिससे कई परिवार अपने बच्चों का आधार समय पर अपडेट नहीं करा पा रहे थे। इससे बच्चों को छात्रवृत्ति, डीबीटी और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ने में दिक्कत हो रही थी। UIDAI ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया कि अब यह सुविधा पूरी तरह फ्री ऑफ कॉस्ट दी जाएगी, ताकि देश के सभी बच्चे आसानी से आधार से जुड़ सकें।

UIDAI रायपुर कार्यालय की रिपोर्ट में सामने आया कि प्रदेश में बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट का प्रतिशत काफी कम था। जब यह जानकारी हैदराबाद और दिल्ली मुख्यालय को दी गई, तो इस पर गंभीर विचार के बाद यह निर्णय लिया गया। अब पूरे देश में 7 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट निशुल्क होगा, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। जिला प्रबंधक अफताब अहमद खान ने बताया कि UIDAI पहले से ही बच्चों के लिए दो अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट तय कर चुका है — पहला 5 वर्ष की उम्र में और दूसरा 15 वर्ष की उम्र में। समय के साथ बच्चों के फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन में बदलाव आते हैं, इसलिए पहचान को पुख्ता रखने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। अब यह सुविधा निशुल्क होने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा और अधिक बच्चे सरकारी सेवाओं से जुड़ सकेंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि UIDAI का यह निर्णय तकनीकी और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह कदम बच्चों की पहचान को मजबूत करेगा और शिक्षा, छात्रवृत्ति व अन्य सरकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाएगा।




