
अरपा नदी का पानी प्रदूषित होने और सिवरेज परियोजना में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा की शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति ने गुरुवार को बिलासपुर में स्थल निरीक्षण किया। वर्ष 2019, 2020 और 2022 में विधानसभा में इस मुद्दे पर प्रश्न उठाए गए थे। निरीक्षण के दौरान समिति को कई अनियमितताएं मिलीं, जिसके बाद सभापति ने जांच कराने की बात कही। सिवरेज परियोजना में हुई गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति के सभापति बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े, सदस्य बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक मोतीलाल साहू और विशेष आमंत्रित सदस्य बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक व तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने निरीक्षण किया। टीम ने अरपा रिवरव्यू, देवरी खुर्द चेक डेम और राजकिशोर नगर स्थित सिवरेज पंपिंग स्टेशन का दौरा किया।निरीक्षण के दौरान अरपा नदी में गिर रहे शहर के गंदे पानी को देखकर सदस्यों ने नाराजगी जताई। बताया गया कि नदी में नाली का पानी रोकने के लिए सड़क के दोनों ओर नाला निर्माण होना था, जो अब तक नहीं हुआ।

इस पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने निगम आयुक्त से पूछा कि जो नाला बनने की बात की जा रही है, वह दिखाइए। इस सवाल पर अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।समिति के सभापति भैयालाल राजवाड़े ने कहा कि सिवरेज परियोजना का कार्य अधूरा है और इसमें भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने मौके पर ही नगर निगम अधिकारियों से सवाल-जवाब कर जवाबदेही तय करने की बात कही। वर्ष 2008 में शुरू हुई सिवरेज परियोजना आज भी अधूरी है। इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन शहरवासी लाभ से वंचित हैं।

समिति ने राजकिशोर नगर सिवरेज पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण कर पाया कि कई कार्य केवल कागजों पर पूरे दिखाए गए हैं। सुशांत शुक्ला ने अधिकारियों से जवाब मांगा तो आयुक्त अमित कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए स्थिति संभाली, जिस पर विधायक ने व्यंग्य करते हुए कहा अगर आप न रहें तो कोई जवाब नहीं मिलेगा।निरीक्षण के दौरान समिति ने परियोजना में व्यापक गड़बड़ी पाई और निगम अधिकारियों से लिखित में जवाब मांगा गया। मौके पर पर्यावरण, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। समिति ने जल्द जांच रिपोर्ट पेश करने की बात कही।


