Homeहमर बिलासपुरबस्तर में परिवर्तन की बयार आत्मसमर्पण से शांति की राह पर कदम...

बस्तर में परिवर्तन की बयार आत्मसमर्पण से शांति की राह पर कदम ‘पूना मारगेम’ बना उम्मीद का प्रतीक, 16 माओवादियों ने छोड़ी हिंसा

जिला नारायणपुर के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में शांति की दिशा में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार, 8 अक्टूबर को कुल 16 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़ते हुए नारायणपुर पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन माओवादियों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर माड़ डिवीजन, उत्तर ब्यूरो और कुतुल एरिया से जुड़े थे।यह आत्मसमर्पण अभियान ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ के तहत हुआ, जो अब बस्तर में परिवर्तन और आशा का प्रतीक बन चुका है।

पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन ने कहा कि यह घटना नक्सल उन्मूलन अभियान में एक और अहम उपलब्धि है।बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी अब हिंसा और भय से मुक्ति पाकर विकास, शिक्षा और शांति की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। उन्होंने इसे बस्तर में स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया।उल्लेखनीय है कि बीते 20 महीनों में बस्तर रेंज के विभिन्न जिलों में कुल 1,837 माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यह सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयास, जनता के सहयोग और शासन की पुनर्वास नीति का सकारात्मक परिणाम है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments