Homeहमर बिलासपुरगौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने बिलासपुर में निकली भव्य पदयात्रा

गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने बिलासपुर में निकली भव्य पदयात्रा

बिलासपुर, गौमाता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिलाने की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को बिलासपुर में गौसेवकों और संत समाज के नेतृत्व में एक भव्य गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का उद्देश्य था गाय के संरक्षण, संवर्धन और उसे संवैधानिक दर्जा दिलाने की दिशा में सरकार का ध्यान आकर्षित करना। इस पदयात्रा की शुरुआत गौसेवा धाम से हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं और गौ भक्तों ने “गौमाता की जय”, “भारत माता की जय” जैसे नारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के साथ श्रद्धालु गौमाता की महिमा का गुणगान करते आगे बढ़ते रहे।

यात्रा का नेतृत्व श्रीमज्योतिर्मयानंद सरस्वती महाराज ने किया। उन्होंने पदयात्रा के दौरान कहा कि गौमाता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि संविधान में संशोधन कर गौमाता को “राष्ट्रमाता” का दर्जा दिया जाए, जिससे उसे समुचित सम्मान और संरक्षण मिल सके। पदयात्रा के समापन पर कलेक्ट्रेट परिसर में गौ भक्तों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के साथ-साथ गौवंश की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन हेतु ठोस सरकारी नीतियां बनाने की मांग की गई। साथ ही, अवैध कत्लखानों पर रोक और गौ आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात भी शामिल थी।

इस आयोजन के पीछे ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज द्वारा चलाया जा रहा “गौमाता राष्ट्रमाता अभियान” है, जो अब देशभर में तेज़ी से फैल रहा है। बिलासपुर की यह पदयात्रा उसी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें आम जनता, संत समाज, सामाजिक संगठन और ग्रामीण सेवक एकजुट होकर इस पहल को राष्ट्रीय आंदोलन का रूप देने में लगे हैं।

यह पदयात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था की अभिव्यक्ति थी, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संतुलन को बचाने की एक गंभीर कोशिश भी थी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस भावनात्मक और सामाजिक मांग पर क्या प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल, बिलासपुर की यह आवाज पूरे प्रदेश में गूंज रही है और गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प और मजबूत होता जा रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments