
कांकेर जिले के पखांजूर थाना परिसर में एक अनोखा और प्रेरणादायक विवाह देखने को मिला, जहां दो आत्मसमर्पित पूर्व नक्सलियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई जिंदगी की शुरुआत की। थाना परिसर में स्थित नव-निर्मित शिव मंदिर में सागर दीर्गो और संचिता मंडावी का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, पुलिस अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। विवाह समारोह में पखांजूर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट ने वर पक्ष की भूमिका निभाई, जबकि गोण्डाहुर थाना प्रभारी रामचंद्र साहू वधु पक्ष के प्रतिनिधि बने।

आत्मसमर्पण के बाद दोनों वर्तमान में पुलिस विभाग में गोपनीय सैनिक के रूप में कार्यरत हैं।सागर दीर्गो वर्ष 2014 में दंतेवाड़ा के कुए एरिया कमेटी से नक्सल संगठन से जुड़ा था और 2024 में आत्मसमर्पण किया। वहीं संचिता मंडावी बीजापुर जिले से वर्ष 2020 में संगठन में शामिल हुई थी और 2024 में उसने भी मुख्यधारा में वापसी की।शिव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के उपरांत हुए इस विवाह ने यह संदेश दिया कि मुख्यधारा में लौटना और सम्मानजनक जीवन जीना हमेशा संभव है। दोनों की शादी ने न केवल पुलिस विभाग को बल्कि पूरे क्षेत्र को मानवता और पुनर्वास की मिसाल दी है।


