
बिलासपुर की आसमान में उड़ान भरने की उम्मीदें अब भी कायम हैं। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति के आंदोलन को आज पूरे छह साल पूरे हो गए। इस मौके पर समिति ने एक बार फिर नई ऊर्जा और संकल्प के साथ अपनी मांग दोहराई। 26 अक्टूबर को बिलासा बाई के मठ जूना बिलासपुर से एक विशाल पदयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। हवाई सेवा हमारी मांग है जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। यह पदयात्रा कलेक्टर कार्यालय तक पहुंची, जहां समिति के सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिलासपुर से देश के प्रमुख महानगरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू करने की मांग की गई। समिति का कहना है कि पिछले छह वर्षों में उन्होंने धरना, ज्ञापन और प्रतीकात्मक प्रदर्शन जैसे कई तरीके अपनाए, लेकिन अब वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए तैयार हैं।

आंदोलन के तहत समिति ने चकरभाठा क्षेत्र में व्यापारियों के साथ संयुक्त अभियान भी चलाया। इस दौरान दुकानदारों के बीच पंपलेट बांटे गए और उन्हें आंदोलन से जुड़ने की अपील की गई। स्थानीय व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन को पूरा समर्थन दिया। उनका कहना है कि हवाई सेवा शुरू होने से क्षेत्र में व्यापार, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक विकास होगा। पिछले छह वर्षों में यह आंदोलन कई रूपों में सामने आ चुका है कभी धरना, कभी मोमबत्ती रैली तो कभी प्रतीकात्मक उड़ान प्रदर्शन। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं मिला। संघर्ष समिति का कहना है कि यह अब सिर्फ उड़ानों की नहीं, बल्कि बिलासपुर के सम्मान और विकास की लड़ाई है। जनता का हौसला बता रहा है कि उड़ान हमारी हक की है, और हम इसे हासिल करके रहेंगे।


