
वीआईपी चौक स्थित छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति को कुछ असामाजिक तत्वों ने खंडित कर दिया था, जिसके बाद पूरे शहर में आक्रोश और रोष का माहौल बन गया। इस घटना को लेकर लोगों ने न केवल नाराजगी जताई बल्कि सांस्कृतिक अस्मिता और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान को ठेस पहुँचाने की निंदा की।प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

वहीं, शहर में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने स्थानीय लोगों और समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की।जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने आज ही नई प्रतिमा स्थापित कर दी। नई छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के स्थापना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन के सदस्य मौजूद रहे।नई प्रतिमा की स्थापना के साथ ही चौक पर फिर से छत्तीसगढ़ की अस्मिता और सम्मान का प्रतीक दृश्य लौट आया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि ऐसे असामाजिक कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदेश की संस्कृति तथा पहचान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।


