
बिलासपुर रेलवे पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जीआरपी ने ट्रेन यात्रियों के बैग और कीमती सामान चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने लाखों रुपए की चोरी गई संपत्ति बरामद की है। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए जीआरपी प्रभारी विश्वनाथ चक्रवर्ती ने मीडिया को बताया कि प्रार्थी प्रज्जवल शरण घाटगे, निवासी एनटीपीसी जमनीपाली टाउनशिप कोरबा ने 30 अक्टूबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उनके कोच बी-2 के बर्थ नंबर 21 से लैपटॉप, आईपैड, पासपोर्ट और अन्य कीमती दस्तावेज चोरी हो गए।रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रेल पुलिस ने जांच शुरू की और ट्रेनों में चोरी की वारदातों के पीछे सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने दो मुख्य आरोपी संजय दास महंत और संदीप दास को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से चांपा से बिलासपुर के बीच चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों के बैग पर नजर रखकर चोरी की घटनाएं अंजाम दे रहे थे।पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी किए गए लैपटॉप, मोबाइल और अन्य सामान को आलोक कुमार प्रधान नामक युवक को बेचते थे, जो चोरी का माल खरीदने का काम करता था। आलोक कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से कुल 2 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की है। इसमें एप्पल कंपनी का लैपटॉप, आईपैड, चार मोबाइल फोन, पीठू बैग, पासपोर्ट, आधार कार्ड और बैंक पासबुक शामिल हैं।रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी बिलासपुर की यह कार्रवाई बेहद सराहनीय मानी जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क की भी जांच में जुटी है।


