
बिलासपुर। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा रविवार को बिलासपुर के लखीराम ऑडिटोरियम में पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक संशोधन और पत्रकारिता संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकारों ने भाग लिया और पत्रकार सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न या मुकदमों में गिरफ्तारी से पहले एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन आवश्यक है। समिति में सक्षम अधिकारियों के साथ समाज सेवियों और पत्रकार प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।

साथ ही बिना जांच के किसी पत्रकार की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की सिफारिश की गई। पत्रकारों के बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा तथा निधन की स्थिति में उनके परिवार को कम से कम दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव पारित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी. सिंह, विशेश्वर वाकरे, सुनील सिंह बघेल, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिनेश कलावाडिया, वरिष्ठ पत्रकार शंकर पांडे, प्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पप्पुल लालकर, प्रेस क्लब अध्यक्ष बिलासपुर दिलीप यादव, सचिव संदीप करिहार समेत देशभर से आए पत्रकारों ने अपने विचार रखे।

वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण है, इसलिए उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिवेशन के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू पत्रकार सुरक्षा कानून में आवश्यक संशोधन शीघ्र किए जाएं। पत्रकारों ने मांग की कि यह कानून व्यवहारिक हो और जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि पत्रकार बिना भय के अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।


