
बिलासपुर। सहकारी समिति और कंप्यूटर ऑपरेटर संघ एक बार फिर अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सड़क पर उतर आया है। सोमवार से संघ के सदस्य संभाग स्तरीय अनिश्चितकालीन हड़ताल पर कोन्हेर गार्डन में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इस बार वे धान खरीदी का बहिष्कार भी करेंगे। बीते दिनों संघ के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया था और शासन को चेतावनी दी थी कि यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर अब कर्मचारियों ने राज्यभर में हड़ताल का रास्ता अपना लिया है। संघ की चार सूत्री मांगों में ठेका प्रथा को समाप्त कर कर्मचारियों का नियमितीकरण, समय पर भुगतान, पारिश्रमिक बढ़ाने और परिवहन व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। संघ का कहना है कि वर्षों से वे लगातार सरकार से इन मांगों को लेकर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। छत्तीसगढ़ के पांच संभागों में यह आंदोलन एक साथ चल रहा है। बिलासपुर संभाग के आठ जिलों के कर्मचारी कोन्हेर गार्डन में एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेशभर में करीब 2008 समितियों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे सरकार के लिए संकट खड़ा हो गया है। वहीं धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले इस हड़ताल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यदि खरीदी प्रभावित हुई तो हजारों किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है।


