
शहर के हृदय स्थल माने जाने वाले जूना बिलासपुर क्षेत्र की जर्जर सड़कों ने आखिरकार व्यापारियों का सब्र तोड़ दिया। सोमवार को जूना बिलासपुर व्यापारी संघ ने नागोराव शेष स्कूल मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर नगर निगम और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर पार्षद तक ने विकास के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन साल भर में आधा किलोमीटर सड़क भी नहीं बन सकी। व्यापारी संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हमारी मांगें पूरी करो, जिला प्रशासन मुर्दाबाद, व्यापारी एकता जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान एलआईबी का स्टाफ और मीडिया मौके पर पहुंच गई, लेकिन करीब एक किलोमीटर दूर स्थित सिटी कोतवाली पुलिस दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रशासन तब ही जागता है जब जनता सड़कों पर उतरती है।व्यापारियों ने बताया कि गड्ढों और धूल से भरी इस सड़क के कारण दुकानों का सामान खराब हो रहा है, कारोबार ठप पड़ा है और आये दिन हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से बार-बार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। गणेशोत्सव, नवरात्र, दशहरा, दीपावली—सारे त्यौहार बीत गए, लेकिन सड़क वैसी की वैसी है।संघ के मुख्य सलाहकार प्रकाश सिरवानी, गुरुबक्ष जैसवानी, बलराम हरियाणी और अखिलेश गुप्ता बंटी ने कहा कि ज्वाली पुल से गांधी चौक तक की सड़क शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है, लेकिन हालत इतनी खराब है कि आए दिन रिक्शे पलट जाते हैं, वाहन फंस जाते हैं और पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद तो कीचड़ और जलभराव की समस्या ने राहगीरों का जीवन और भी दूभर कर दिया है।

व्यापारियों ने सवाल उठाया कि क्या सड़क निर्माण के लिए फंड नहीं है या फिर अफसर निकम्मे हो चुके हैं? उन्होंने कहा कि बारिश खत्म हुए महीनों बीत गए, फिर भी सड़क मरम्मत शुरू नहीं हुई। यह साबित करता है कि नगर निगम प्रशासन सिर्फ बैठकों और फाइलों में विकास दिखा रहा है, जमीनी हकीकत में सिर्फ बदहाल सड़कें और उड़ती धूल है। करीब दो घंटे 10 मिनट चले चक्काजाम के बाद तहसीलदार प्रकृति ध्रुव मौके पर पहुंचीं। उन्होंने व्यापारियों को शांत करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को कलेक्टर तक पहुंचाया जाएगा और मार्ग मरम्मत की कार्रवाई शीघ्र शुरू कराई जाएगी। हालांकि, व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस बार भी वादे अधूरे रहे, तो अगला आंदोलन और भी उग्र होगा अबकी बार सिर्फ जाम नहीं, पूरा बाजार बंद होगा,ऐसा कहते हुए व्यापारी संघ ने चेतावनी के साथ प्रदर्शन समाप्त किया।


