
मंगलवार को बिलासपुर में हुए रेल हादसे के बाद यहां एक और लगातार जनप्रतिनिधियों का दौरा बिलासपुर में हो रहा है तो वहीं अब इसमें राजनीति भी शुरू हो गई है दरअसल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्रेन हादसे के प्रति अपनी शोक संवेदना तो व्यक्त की है लेकिन उन्होंने इस पर रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार को भी आधे हाथों लिया है उन्होंने बिलासपुर में जो ट्रेन हादसा हुआ है वो बेहद दुखद है. लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार केवल कोयला ढुलाने में व्यस्त हैं और इस चक्कर में यहां के नागरिक मारे जा रहे हैं. आज इंसान के जान की कीमत कोयले से भी कम हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब छत्तीसगढ़ में सियासी भूचाल बचाना तय है वार पलटवार और आरोप प्रत्यारोप का दौर दो-चार दिनों तक देखने को मिलेगा लेकिन इस बीच सवाल वाजिब भी है कि जिस तरह से रेल मंत्रालय माललदान को लेकर बेहद ही गंभीर है। वही यात्री सुरक्षा के प्रति इस तरह से लापरवाही उचित नहीं है पहले ही 11 घरों में मातम पसरा हो लेकिन इस दुर्घटना ने कई सबक रेल मंत्रालय को जरूर देदिए हैं।


