
रेल मंडल में हुई मेमू लोकल ट्रेन दुर्घटना को भले ही कई दिन बीत चुके हों, लेकिन उस हादसे की दहशत अब भी लोगों के जेहन में बनी हुई है। इस भीषण हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद से यात्रियों का रेलवे पर भरोसा डगमगा गया है। पहले जहां हर ट्रेन में खचाखच भीड़ होती थी, वहीं अब स्टेशन और कोच दोनों सूने नजर आ रहे हैं।रेलवे प्रशासन ने सभी सेवाओं को सामान्य कर दिया है, ट्रेनें अपने तय समय पर चल रही हैं, मगर यात्रियों का डर अब भी कायम है। कई नियमित यात्री फिलहाल ट्रेन से सफर करने से बच रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर जहां पहले आवाजाही और रौनक रहती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। चाय और नाश्ते की दुकानों पर भी पहले जैसी चहल-पहल नहीं दिख रही।यात्रियों का कहना है कि हादसे के बाद से वे सफर से पहले भी असहज महसूस करते हैं। “अब डर लगता है, भरोसा नहीं रहा कि सफर सुरक्षित रहेगा,” एक यात्री ने बताया। वहीं, रेल प्रशासन लगातार यह भरोसा दिलाने में जुटा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और सभी तकनीकी जांचें पूरी कर ली गई हैं।हालांकि, हादसे के बाद से रेलवे ने ट्रैक, सिग्नलिंग और इंजन फिटनेस की जांचों को और सख्त कर दिया है, लेकिन यात्रियों के मन का डर फिलहाल दूर नहीं हुआ है। हादसे की गूंज अभी भी बिलासपुर के हर प्लेटफॉर्म पर महसूस की जा सकती है, और यात्रियों का भरोसा पटरी पर लौटने में शायद अभी थोड़ा वक्त लगेगा।


