
कांग्रेस ने SIR निगरानी समिति की बैठक बुलाई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में हुई इस बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत मौजूद रहे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।बैठक में SIR प्रक्रिया की समीक्षा और रणनीति को लेकर मंथन किया जा रहा है।वहीं इस मुद्दे पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर पलटवार किया है — कहा कि कांग्रेस को अब लोकतंत्र की परिभाषा याद दिलाने की जरूरत है। रायपुर में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एसआईआर निगरानी समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने की।बैठक में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी और छेड़छाड़ की जा रही है।

पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बताया और आगे की रणनीति तय करने के संकेत दिए।इधर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कांग्रेस पर करारा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि — “जो लोग वोट पर बोल रहे हैं, वे खुद वोट की राजनीति में उलझे हैं। जब सरदार पटेल को 14 वोट और नेहरू को एक वोट मिला था, तब भी नेहरू प्रधानमंत्री बने थे। ऐसे में कांग्रेस से क्या उम्मीद की जाए।”तोखन साहू ने आगे कहा कि सरकार की SIR प्रक्रिया वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने और मतदान को पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है, जो जनता के हित में है। फिलहाल, SIR प्रक्रिया को लेकर प्रदेश में सियासी गर्मी बढ़ गई है — और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है। प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस जहां इस प्रक्रिया को मतदाता सूची में हेरफेर बताकर निशाना साध रही है, वहीं भाजपा इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।


