
बिलासपुर। ग्राम पंचायत भोथीडीह के लोगों ने अपने क्षेत्र को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग को लेकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2002 से अब तक भोथीडीह लगातार विकास की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ है, परंतु प्रशासनिक मान्यता के अभाव में कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम लावर का मूल गांव बानरक और भोथीडीह भौगोलिक एवं जनसंख्या के दृष्टिकोण से राजस्व ग्राम बनने के सभी मानदंडों पर खरा उतरता है। इसके बावजूद अब तक इस मोहल्ले को स्वतंत्र राजस्व ग्राम का दर्जा नहीं दिया गया है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मांग को लेकर शासन-प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं। मंगलवार को फिर सैकड़ो की संख्या मे ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणो ने बताया कि भोथीडीह की आबादी और क्षेत्रफल दोनों पर्याप्त हैं और यहां की भौगोलिक स्थिति भी स्वतंत्र राजस्व ग्राम के अनुरूप है। मोहल्लावासियों ने शासन से निवेदन किया है कि उनकी इस लंबे समय से लंबित मांग को जल्द स्वीकार किया जाए और राजस्व ग्राम भोथीडीह के गठन की स्वीकृति प्रदान की जाए। उनका कहना है कि राजस्व ग्राम बनने से न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुविधा होगी बल्कि विकास कार्यों में भी तेजी आएगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि संबंधित सभी दस्तावेज और आवश्यक साक्ष्य आवेदन के साथ संलग्न किए गए हैं। अब सभी को उम्मीद है कि प्रशासन इस मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेगा,जिससे भोथीडीह के विकास का रास्ता खुल सके।


