
विश्व शौचालय दिवस पर जिले में स्वच्छ भारत मिशन की बड़ी उपलब्धि सामने आई है। कभी खुले में शौच से जूझने वाले ग्रामीण क्षेत्र अब पूरी तरह बदल चुके हैं। शासन-पंचायत और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से 2.03 लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे महिलाएँ सुरक्षित और गरिमामय सुविधा से जुड़ीं। दूसरे चरण में सस्टेनेबल स्वच्छता पर जोर देते हुए 13,987 नए शौचालय, 512 सामुदायिक शौचालय, 636 ठोस-तरल अपशिष्ट इकाइयाँ, प्लास्टिक व फिकल स्लज प्रबंधन यूनिट्स और 8 बायोगैस संयंत्र स्थापित किए गए, जिससे गाँवों में स्वच्छता स्तर कई गुना बढ़ा है।


