
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन ऑपरेटरों की हड़ताल ने कई धान खरीदी केंद्रों की व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। हड़ताल के कारण अधिकांश सोसाइटी में खरीदी प्रक्रिया धीमी हो गई है, जिससे किसानों को लंबी प्रतीक्षा और दस्तावेजी प्रक्रियाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रों में कंप्यूटर एंट्री और तौल पर्ची जारी करने का काम प्रभावित होने से खरीदी की रफ्तार पर भी असर दिखाई दे रहा है।सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सभी विभागों के कर्मचारियों को धान खरीदी केंद्रों में तैनात किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान को परेशानी न हो और खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से चले। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि चार दिनों के बाद भी व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है और उन्हें बार-बार केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।उधर, इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया है कि राज्य सरकार किसानों की धान खरीदी को लेकर पूरी तरह संवेदनशील और सक्रिय है। उनके अनुसार, धान खरीदी केंद्रों में किसी तरह की बड़ी समस्या नहीं है और जो भी तकनीकी या व्यवस्थागत दिक्कतें सामने आ रही हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों का पूरा धान खरीदेगी और किसी भी किसान को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।


