रेवती नक्षत्र मे मातंग योग मे मोक्षदा एकादशी कल

मागशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी इस बार 1 दिसंबर सोमवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषों के अनुसार इस दिन रेवती नक्षत्र में मातंग योग बन रहा है, जो व्रत-उपवास और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से सभी पाप नष्ट होते हैं और दान-पुण्य करने से पितृलोक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पंडित गौतम दुबे ने बताया कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र के मैदान में गीता का उपदेश दिया था, इसलिए इसे गीता जयंती भी कहा जाता है। भक्तजन इस एकादशी पर गीता पाठ, भजन-कीर्तन और सत्संग कर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। पुराणों में एक कथा आती है कि वैकानस नामक एक राजा अपनी प्रजा का पालन धर्मपूर्वक कर रहे थे, परंतु एक रात उन्हें स्वप्न में अपने पितरों को नर्क में कष्ट भोगते हुए देखा। दुखी होकर राजा ने ऋषियों से उपाय पूछा तो उन्हें पर्वत मुनि ने मार्गदर्शन दिया कि माघर्षिरष शुक्ल एकादशी का व्रत रखकर उसके पुण्य का दान अपने पितरों को कर दें। कथा के अनुसार राजा ने बताए अनुसार एकादशी का व्रत रखा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा कर उसके फल को अपने पितरों को समर्पित किया। परिणामस्वरूप उनके पितर नर्क से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त हुए। इसी वजह से इस तिथि को मोक्ष प्रदान करने वाली मोक्षदा एकादशी कहा जाता है और पितृ तर्पण के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। पूजा-विधि के अनुसार, व्रतधारी को प्रातः स्नान कर पीले या सफेद वस्त्र धारण करने चाहिए और भगवान विष्णु के चित्र या मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्वलित कर धूप, पुष्प, तिल, तुलसी दल, पंचामृत और नैवेद्य से पूजा करनी चाहिए। दिनभर फलाहार या निर्जल व्रत रखकर हरि नाम संकीर्तन, गीता पाठ और विष्णु सहस्रनाम का जप करना शुभ माना गया है। रात में जागरण कर भजन-कीर्तन के बाद द्वादशी तिथि को ब्राह्मणों को भोजन और दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
spot_img

Latest Articles