
बिलासपुर जिले में पीलिया के मामलों में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। जिला अस्पताल और सिम्स में प्रतिदिन पांच से अधिक मरीज पीलिया जैसे लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभी बड़ी संख्या में आधिकारिक मामले दर्ज नहीं हुए हैं लेकिन मौसम में बदलाव के साथ संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। सिम्स के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

उन्होंने बताया कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। आंखों या त्वचा का पीला पड़ना, लगातार कमजोरी, भूख न लगना, उल्टी या बुखार जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि पीलिया का समय पर इलाज पूरी तरह संभव है झाड़ फूंक या अंधविश्वास के भरोसे रहने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। सही समय पर जांच और उपचार मिलने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है और जटिलताओं से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। केवल उबला या स्वच्छ पानी पीने, ताजा और साफ भोजन करने तथा बाहर के दूषित खाद्य पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि सावधानी और जागरूकता ही पीलिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।




