
छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। वक्तव्य में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस के कार्यकाल में प्रदेश में भ्रष्टाचार का सिंडिकेट चलता रहा, जिसने कोयला, आबकारी, डीएमएफ और अन्य क्षेत्रों में अनियमितताओं को बढ़ावा दिया और जनता को नुकसान पहुंचाया।सदन में कहा गया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रदेश की पहचान विभिन्न घोटालों से जुड़ गई थी। आरोप लगाया गया कि कोल, आबकारी और महादेव एप जैसे मामलों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया और कई योजनाओं में पारदर्शिता नहीं रही।वक्तव्य में यह भी कहा गया कि पहले जो राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी, वह अब राजकोष में जमा हो रही है और उसी के माध्यम से कृषक उन्नति योजना और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन बेहतर ढंग से किया जा रहा है।सत्तापक्ष ने कांग्रेस पर आंतरिक खींचतान का आरोप लगाते हुए कहा कि उसके कार्यकाल में शासन से ज्यादा समय सत्ता संघर्ष में बीता, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा। सरकार ने दावा किया कि अब प्रशासनिक स्थिरता और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।




