
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम अमोरा में एक विशालकाय कछुए की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बताया जा रहा है कि इस कछुए का वजन करीब एक कुंटल यानी 100 किलो से भी ज्यादा था।ग्रामीणों के अनुसार यह कछुआ कई वर्षों से गांव के सागर तालाब में रह रहा था और गांव के लोग इसे आस्था के रूप में पूजते थे। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि देवरहा तालाब में पहले तीन विशालकाय कछुए रहते थे, जिन्हें ग्रामीण पवित्र मानते थे और उनके प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे।

ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले ही दो कछुओं की मौत हो चुकी थी, जबकि आज तीसरे और सबसे बड़े कछुए की भी मृत्यु हो गई। लगातार तीनों कछुओं की मौत से गांव में मायूसी और सन्नाटा पसरा हुआ है।इस घटना के बाद ग्रामीणों ने कछुए को पूरे सम्मान के साथ गांव के देवरहा तालाब के पार दफनाया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कछुआ केवल एक जीव नहीं था, बल्कि गांव की आस्था और पहचान का प्रतीक बन चुका था। उसकी मौत से पूरे गांव में दुख और शोक का माहौल है।




