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गौधाम योजना का शुभारंभ, 11 जिलों में 29 गौधाम का वर्चुअल उद्घाटन, गौठानों की बदहाल व्यवस्था पर बोले मुख्यमंत्री, गौ संरक्षण को बढ़ावा देने सरकार प्रतिबद्ध

छत्तीसगढ़ में गौ संरक्षण और पशुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के लाखासार पहुंचे, जहां उन्होंने गौधाम योजना शुभारंभ समारोह और पशुपालक सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 11 जिलों में बनाए गए 29 गौधामों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।शनिवार को मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में गोधन योजना समारोह और पशुपालन सम्मेलन में शिरकत की इस दौरान उन्होंने गांव संरक्षण के साथ-साथ पशुपालन पर उपस्थित लोगों को जानकारी देते हुए शासन की योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में गौ संरक्षण और पशुपालन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि 11 जिलों में 29 गौधामों का शुभारंभ किया गया है, जिससे गौ सेवकों और पशुपालकों को लाभ मिलेगा और गौवंश के संरक्षण को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने लाखासार में तैयार किए गए गौधाम की सराहना करते हुए कहा कि यहां 25 एकड़ भूमि में से 19 एकड़ जमीन गौ संरक्षण के लिए सुरक्षित रखी गई है, जो इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गौठानों की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई मिली थी और गाय के नाम पर संसाधनों का दुरुपयोग किया गया। मुख्यमंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गौठानों की हालत खराब थी और वहां गोबर तक नहीं मिलता था। लेकिन अब उनकी सरकार गौधाम योजना के माध्यम से व्यवस्थित गौशालाएं विकसित कर रही है, जहां गायों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।उन्होंने यह भी कहा कि गौधामों में किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें सिखाया जाएगा कि गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, औषधि और अन्य उपयोगी उत्पाद कैसे तैयार किए जा सकते हैं। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष के अनुभव का लाभ भी इस दिशा में मिलेगा और आने वाले समय में प्रदेश में गौ पालन और पशुपालन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए डेयरी संघ के साथ समझौता भी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गौ संरक्षण के साथ-साथ पशुपालन को भी रोजगार और आय का मजबूत साधन बनाया जाए

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