सोमवार को बिलासपुर पुलिस अधीक्षक की ओर से राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों की विलासागुड़ी में क्राइम मीटिंग ली गयी। मीटिंग के दौरान पेंडेंसी मामलों का जल्द से जल्द निराकरण करने और लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपटाने के साथ ही होली पर्व के मद्देनजर हुड़दंगियों पर नजर रखने सहित आवश्यक दिशा निर्देश दिये गए।

बिलासपुर जिले की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के द्वारा राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को लगातार विशेष मॉनिटरिंग और हिदायत दी जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को बिलासपुर पुलिस अधीक्षक की ओर से बिलासा गुड़ी में जिले भर के पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग ली गयी। मीटिंग के दौरान पेंडेंसी मामलों का जल्द से जल्द निराकरण करने निर्देशित करते हुए लोकसभा चुनाव और होली पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से निपटारा करने आदेशित किया गया। इसके साथ ही जिले की कानून व्यवस्था में बाधा पहुंचने वाले गुंडे और बदमाश सहित हुडदंगियों पर भी विशेष निगरानी रखते हुए उनके विरुद्ध कार्यवाही करने निर्देश जारी किए गए। एसपी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि वे सभी अपने कार्यशैलियों को सुधार लें। किसी भी राजपत्रित अधिकारी या फिर संबंधित थानेदार के क्षेत्र में पुलिस की चूक की वजह से कोई बड़ी घटना, दुर्घटना होती है तो वे ही उसके स्वयं जिम्मेदार होंगे। वही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।
बिलासागुड़ी में मीटिंग चल ही रही थी कि इसी दौरान पुलिस के उच्च अधिकारियों को पता चला कि सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत मासूम बच्ची की हत्या और दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित मृतका के परिवार और क्षेत्रवासियों ने न्याय की गुहार लगाने के लिए बड़ी संख्या में नेहरू चौक में एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया है, सभी आनन फानन में मीटिंग बीच मे ही छोड़कर भागते दौड़ते नेहरू चौक पहुंचे। जहां इस घटना में दोषी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की बात कहकर काफी मशक्कतों के बाद मामले को शांत करवाया गया।


